In the land of Mt Khangchendzonga

कंचनजंगा और आर्किड के देश में सिक्किम में वो मेरा पहला दिन था और दीवार पर परम शांत-सौम्य मुद्रा में दिखे बुद्ध जैसे कह रहे थे कि अगले कुछ दिन …

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When Kathmandu was buzzing with life!

दरबार स्क्वायर पर जैसे जादुई संसार फैला था। यहां से वहां तक मंदिरों की भीड़ थी और अचरज की बात थी कि ज्यादातर मंदिर बंद थे। साल में सिर्फ एक रोज़ किसी खास अवसर पर खुलने वाले उन मंदिरों के बंद दरवाज़ों को देखकर लौटा लाए कदम।

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Computerized draw of lots for selection of Yatris for the Kailash Manasarovar Yatra – 2015

कैलास मानसरोवर 2015 यात्रा का कंप्यूटराइज़्ड ड्रॉ आज संपन्न 1330 यात्री इस यात्रा सीज़न में जाएंगे शिवधाम  नई दिल्ली, 20 अप्रैल, 2015 : पश्चिमी तिब्बत में हिंदुओं के पवित्रतम तीर्थस्थल …

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Gangtok – the city beautiful engages you through its graffitis

गैंगटोक – एक शहर जिसकी सड़क भी करती हैं बातें नॉर्थ ईस्ट के यकीनन सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक है सिक्किम। इसलिए नहीं कि वहां सरकारी स्वच्छता अभियान जोर-शोर …

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Rann Utsav – an evening in Kachchh

कच्छ की रूह से रूबरू होने की उम्मीद शाम-ए-सरहद बीतने को थी। रन पर बिखरी झिलमिलाती सफेदी अब धीरे-धीरे और भी चटख होने लगी थी। सूरज का वो विशालकाय गोला …

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Slow and Solo in Bastar*!

बस्तर* के बियाबानों में बस्तर में उस गहराती शाम के सन्नाटे का रोमांच आज भी ताज़ादम है। कांगेर वैली नेशनल पार्क में तीरथगढ़ जलप्रपात को देखकर अकेली लौट रही थी। …

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Hobnobbing with the tribals of Bastar*

जगदलपुर में लोहांडीगुड़ा के इस हाट बाज़ार में ख्वाहिशों के कैसे-कैसे रंग देखे। हाट बाज़ार में अपने खेतों की उपज बेचने 50- 60 किलोमीटर दूर-दूर के देहातों से चले आते …

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How to adapt to Ladakh climate/Acclimatisation

लेह है अगर आपकी अगली पर्यटन मंज़िल तो एक्लीमेटाइज़ेशन (दशानुकूलन) को बखूबी जान लें!! ’लेह‘ नाम के साथ एक्लीमेटाइज़ेशन शब्द जैसे आत्मा के स्तर तक पर पिरोया गया है। समुद्र …

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